ग्राम ढोकला के चिमनी ईद भट्ठा की जांच करने पहुंची संयुक्त टीम जहां 15 लाख ईट पाए गए खनिज विभाग ने उसे जांच प्रतिवेदन में बताया 9.50 लाख खनिज अधिकारी गोलमोल जवाब देने लगे

बेमेतरा जिला के ग्राम ढोकला स्थित चिमनी ईट भट्टा में तीन विभागों की संयुक्त टीम जांच के लिए पहुंची। जांच टीम में खनिज, राजस्व, पर्यावरण विभाग के अधिकारी शामिल थे। गौरतलब हो कि कलेक्टर की ओर से पांच विभागों की संयुक्त टीम बनाई गई थी। जांच टीम में फॉरेस्ट व एरीगेशन विभाग के अधिकारी नहीं पहुंचे थे। विभागीय जांच के दौरान निष्पक्ष न्यूज़ के टिम भी ढोकला स्थिति भट्टा पहुंची। जांच दल में तहसीलदार अनिरुद्ध मिश्रा, खनिज निरीक्षक प्रभार रामकृष्ण मिरी, संजय सिंह केमिस्ट पर्यावरण विभाग भिलाई व पटवारी भूपेंद्र तिवारी ने मौका निरीक्षण कर रिपोर्ट बनाई। निष्पक्ष की पड़ताल में एक ओर जहां लगभग 15 लाख ईट होना पाया गया वहीं दूसरी ओर खनिज विभाग ने सिर्फ 9.50 लाख ईट पाया जाना प्रतिवेदन में दर्शाया है।
फोन बंद कर खनिज निरीक्षक कार्यालय से हुआ नदारद
आपत्ति दर्ज कराए जाने पर खनिज निरीक्षक ने आगे फिर से जांच के लिए आने की बात कही। शिकायतकर्ता का खनिज निरीक्षक से पंचनामा रिपोर्ट मांगने पर कार्यालय जाकर लेने की बात कही। इसके बाद शिकायतकर्ता का कार्यालय पहुंचने पर जिम्मेदार अधिकारी अपनी फोन को बंद कर कार्यालय से नदारद मिला। कार्यालय में उपस्थित कर्मी खनिज निरीक्षक के द्वारा फाइल ले जाने की बात कही। वही इस संबंध में जिला खनिज अधिकारी रोहित साहू गोलमोल जवाब देने लगे।
सीटीओ जारी करने को लेकर पर्यावरण अधिकारी ने नहीं दिया जवाब
विभाग की ओर से जांच के लिए पहुंचा अधिकारी संजय सिंह पत्रकारों के सवाल से बचता रहा और किसी भी प्रश्न का जवाब नहीं दिया। भट्ठा संचालक को सीटीओ जारी करने के संबंध में पूछने पर अधिकारी ने चुप्पी साथ ली और बार-बार सवाल पूछने पर जवाब नहीं दिया। यहां स्पष्ट है कि पर्यावरण विभाग के अधिकारियों का सीटीओ जारी करने को लेकर संलिप्तता साफ जाहिर हो रही है।
पंचनामा प्रतिवेदन में ईट की संख्या में भारी अंतर
खनिज विभाग के द्वारा ईट पकाने के चेंबर व क्षेत्र में फैले ईट की संख्या 9.5 लाख बताई जा रही है जबकि मौके पर 15 लाख से अधिक ईट है। इस संबंध में मौके पर खनिज निरीक्षक से पूछने पर उन्होंने संतोषजनक जवाब नहीं देते हुए कहा कि आगे और जांच के लिए आएंगे। उन्होंने पूर्व में सिर्फ 50 हजार ईट के लिए 50 हजार रुपए पेनल्टी लगाने की बात कही जबकि मौके पर लाखों ईट पाए गए थे।
दूरी को लेकर संशय की स्थिति
दूरी को लेकर भी संशय की स्थिति बनी हुई है खनिज विभाग की ओर से तैयार किए प्रतिवेदन में ओपन जेल के जालीतार घेरा से भट्ठा के पिछले प्रवेश द्वार की दूरी 100 मीटर व चिमनी की दूरी 500 मीटर दर्शाई गई है। पटवारी भूपेंद्र तिवारी के अनुसार उनके समक्ष किसी प्रकार की नाप जोख नहीं हुई है। ओपन जेल से चिमनी की दूरी लगभग 350 मीटर बताई जा रही है। यहां खनिज विभाग के द्वारा दूरी में खेल किया जा रहा है जो जांच का विषय है।
कार्रवाई से बचने 22 चेंबर को शत प्रतिशत डंप ईट से भरा
जांच टीम गठन के करीब 10 दिनों बाद जांच दल सोमवार को ईट भट्ठा पहुंचा इस अंतराल में भट्ठा संचालक के द्वारा विस्तारित क्षेत्र से लाखों ईट हटा दिए गए। वही संचालक ने भट्ठा के मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला जड़कर निजी काम से बाहर जाना बताया। जांच टीम के पहुंचने के पूर्व शत प्रतिशत भरकर विस्तारित क्षेत्र में फैले हुए डंप ईटों को खाली कर दिया गया, ताकि जांच टीम को विस्तारित क्षेत्र में डंप ईट ना मिले और निर्धारित गतिविधियां अनुमति प्राप्त क्षेत्र में मिल सके।
राजस्व विभाग की जांच में कार्यक्षेत्र के विस्तार की हुई पुष्टि
ईट भट्ठा संचालक के द्वारा 2 हेक्टेयर क्षेत्र में ईट भट्ठा संचालन के लिए एनओसी ली गई है लेकिन राजस्व विभाग की जांच में ईट भट्ठा का कार्य क्षेत्र 15 एकड़ से अधिक पाया गया है। इसके अलावा ग्राम बसनी की करीब 2 एकड़ भूमि भी शामिल है, कुल मिलाकर 17 एकड़ से अधिक कार्यक्षेत्र पाया गया। इस संबंध में भट्ठा संचालक संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। निष्पक्ष न्यूज़ टिम ने भट्ठा संचालक के कार्य क्षेत्र के विस्तार की खबर को लगातार प्रकाशित किया है इसकी राजस्व विभाग की जांच में पुष्टि हुई है।
वर्सन
कलेक्टर के निर्देश पर सयुंक्त जांच दल ढोकला स्थित चिमनी ईट भट्ठा पहुंचा है, शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है जिसमें मौके पर कच्चा ईट पाया गया है। इनकी गिनती खनिज विभाग ने की है। माइनिंग विभाग के द्वारा इसमें नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अनिरुद्ध मिश्रा – तहसीलदार बेमेतरा








