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अमन हत्याकांड की गुत्थी सुलझी, नाचने के दौरान हुए विवाद में नाबालिग ने की हत्या

शोभायात्रा में नाचने के दौरान हुए विवाद के कारण वारदात को दिया अंजाम

बेमेतरा – धार्मिक शोभा यात्रा के दौरान कोतवाली पुलिस ने अमन ध्रुव हत्याकांड की गुत्थी को सुलझाते हुए एक नाबालिग को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। उल्लेखनीय है कि बीते दिनों शोभा यात्रा के दौरान चाकूबाजी से घायल हुए 24 वर्षीय अमन की सिम्स  बिलासपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। बिलासपुर पुलिस से मर्ग डायरी मिलने के पश्चात पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की इसके लिए 19 सदस्यीय टीम का गठन किया गया। इस प्रकरण में कोतवाली पुलिस ने धारा 103(1) बीएनएस के तहत हत्या का मामला दर्ज किया। प्रकरण में गिरफ्तार नाबालिग को न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे बाल संप्रेक्षण गृह दुर्ग भेज दिया गया।

इस संबंध में प्रेस वार्ता लेने के दौरान पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू ने बताया की शोभायात्रा में नाचने के दौरान हुए विवाद में युवक पर नाबालिग ने प्राणघातक हमला किया था। 3 अप्रैल रात करीब 10 बजे शोभा यात्रा प्रताप चौक पहुंची। यहां वार्ड 15 निवासी अमन ध्रुव साउंड सिस्टम और बैंड बाजे की धुन पर नाच रहा था। इसी दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसके पेट के दाहिने हिस्से में किसी धारदार वस्तु से वार कर दिया।

हमले में अमन के घायल होने के बाद प्रत्यक्षदर्शियों ने उसके बड़े भाई को फोन पर सूचना दी उसके बाद मृतक का बड़ा भाई मौके पर पहुंचा और उसे इलाज के लिए रायपुर मार्ग स्थित निजी अस्पताल लेकर पहुंचा। यहां मृतक ने अपने बड़े भाई को चाकूबाजी की घटना की बात को छिपाकर सड़क हादसे में घायल होना बताया। प्राथमिक उपचार के पश्चात मृतक को घर वापस लाया गया।

पुलिस के अनुसार 6 अप्रैल को तबीयत बिगड़ने पर मृतक को जिला अस्पताल लाया गया, यहां इलाज संभव नहीं होने पर रेफर कर दिया गया। परिजन मृतक को इलाज के लिए सिम्स बिलासपुर लेकर पहुंचे। यहां इलाज के दौरान 7 अप्रैल को अमन ने दम तोड़ दिया। मृतक के पिता सुशील ध्रुव ने 6 अप्रैल रात 10 बजे अमन की मौत होना बताया था।

कोतवाली प्रभारी सोनल ग्वाला व साइबर सेल प्रभारी मयंक मिश्रा की टीम ने रैली में मौजूद लोगों से पूछताछ की और तकनीकी उपकरणों (सीसीटीवी व मोबाइल लोकेशन) की मदद ली। जांच में पता चला कि घटना वाली रात अमन का एक नाबालिग के साथ विवाद हुआ था। संदेह के आधार पर जब पुलिस ने उक्त बालक से पूछताछ की तो उसने झगड़े के दौरान धारदार हथियार से वार करना स्वीकार कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिया गया है

इस अंधे कत्ल को सुलझाने में निरीक्षक सोनल ग्वाला, निरीक्षक मयंक मिश्रा, सउनि. जितेन्द्र कश्यप, प्रधान आरक्षक रघुराज यदू, चंद्रशेखर राजपूत सहित सायबर सेल और कोतवाली पुलिस के 19 जवानों की मुख्य भूमिका रही। पुलिस ने आरोपी बालक को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया है।

निजी अस्पताल में भी डॉक्टर को सड़क हादसे में घायल होना बताया। इसके बाद 6 अप्रैल को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाने के दौरान भी पुलिस को किसी भी प्रकार की सूचना नहीं दी गई। इस प्रकरण में परिवार जनों की घोर लापरवाही सामने आई। स्पष्ट है कि यहां परिवारजन ने किसी भी प्रकार के विवाद से बचने के लिए पुलिस को सूचना नहीं दी, युवक की मौत के बाद बेमेतरा पुलिस को घटना की जानकारी मिली।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नाबालिग नशे का आदी था और शोभा यात्रा के दौरान नशा करके पहुंचा था। मामूली विवाद में उसने मृतक पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। इस घटना में युवक की मौत हो गई। गौरतलब हो कि युवा वर्ग तेजी से  नशे की चपेट में आ रहा है। नशे की हालत में युवाओं का खुद पर नियंत्रण नहीं रहता जिससे मामूली विवाद भी हत्या जैसे जघन्य अपराध में बदल रहे हैं। नशा न केवल स्वास्थ्य को खत्म कर रहा है बल्कि युवाओं के भविष्य को सलाखों के पीछे धकेल रहा है।

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