छत्तीसगढ़बेमेतरा

जल जीवन मिशन पर ₹76 रुपए खर्च: तेंदूभाठा के घरों में नहीं आ रहा पानी, जनदर्शन में शिकायत हुई बेअसर 

जल जीवन मिशन पर ₹76 रुपए खर्च: तेंदूभाठा के घरों में नहीं आ रहा पानी, जनदर्शन में शिकायत हुई बेअसर

ठेकेदार के अनुसार कार्य पूर्ण सरपंच ने नकारा, नहीं लिया हैंडओवर

कार्य पूर्ण होने के एक साल बाद भी ग्रामीणों को एक बूंद भी पानी नसीब नहीं

बेमेतरा : ब्लाक के ग्राम पंचायत पिपरभट्ठा के आश्रित ग्राम तेंदूभाठा में जल जीवन मिशन पर 76 लाख रुपए खर्च होने के बावजूद ग्रामीणों को एक बूंद पानी भी नसीब नहीं हो रहा है। आलम यह है कि कार्य  पूर्ण हुए करीब एक वर्ष बीतने के बाद ग्रामीणों के घर में किए नल कनेक्शन  में पानी नहीं आ रहा है। इसे लेकर ग्रामीणों में खासी नाराजगी है, कलेक्टर से गुहार लगाए जाने के बाद भी समस्या का निराकरण नहीं हो पाया है। उल्लेखनीय है की योजना अंतर्गत 76 लाख खर्च हुए हैं। जिसमें पानी टंकी का निर्माण, पाइप लाइन का विस्तार, घरों में नल कनेक्शन देने का कार्य हुआ हैं ।

ठेकेदार के कार्य पूर्णता के दावे पर सरपंच ने उठाए  सवाल

सरपंच के अनुसार ग्रामीणों को योजना के अंतर्गत पानी नहीं मिलने की शिकायत लगातार अधिकारियों से करने के बावजूद जल आपूर्ति को लेकर अब तक कोई कदम नहीं उठाए गए हैं । सबसे बड़ा दुर्भाग्य यह है कि जलापूर्ति शुरू हुए बिना ठेकेदार कार्य पूर्णता को लेकर दस्तावेजों में हस्ताक्षर के लिए पहुंचा था। जिसे साफ मना कर दिया।

70 प्रतिशत घरों में हुए नल कनेक्शन, अधिकारी सुनने को तैयार नहीं

सरपंच ने बताया कि योजना के अंतर्गत गांव के शत-प्रतिशत घरों में नल कनेक्शन नहीं किया गया है। गांव में करीब 218 आवास है । इनमें से 70% घरों में नल कनेक्शन किया गया है । इस संबंध में ठेकेदार व इंजीनियर से बार-बार आग्रह किए जाने के बावजूद अब तक शत प्रतिशत  नल कनेक्शन नहीं हो पाया है।

पेयजल की समस्या से जुझना पड़ता है

ग्रामीणों को 12 महीने पेयजल की समस्या से जुझना पड़ता है। लाखों खर्च होने के बावजूद पेयजल समस्या का स्थाई समाधान नहीं निकल पाया है। खासकर गर्मी के मौसम में ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वर्तमान में ग्रामीण जलापूर्ति के लिए सरकारी बोर पंप पर निर्भर है। यहां भीषण गर्मी के दौरान घंटो बिजली कटौती के कारण ग्रामीणों को नियमित जलापूर्ति नहीं हो पाती है।

पानी टंकी में 6-7 जगह लीकेज, अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान

ग्रामीणों की शिकायत पर निष्पक्ष न्यूज़ टीम ग्राम तेंदूभाटा पड़ताल पर पहुंची, यहां ग्रामीणों की शिकायत सही मिली। जिसमें मुख्य रूप से पानी सप्लाई के लिए बनाई गई टंकी में जगह-जगह लीकेज पाया गया। सरपंच ने बताया कि इस संबंध में अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया है, बावजूद लीकेज सुधार के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। ऐसी स्थिति में पानी टंकी मे आने वाले दिनों में लीकेज बढ़ने के साथ स्थिति और अधिक खराब होने की संभावना है। वर्तमान में पानी टंकी में 6-7 जगह लीकेज है।

ग्रामीणों ने बताया कि जलापूर्ति के लिए गांव में बिछाई गई पाइप लाइन में जगह-जगह लीकेज है। इसके सुधार के साथ जलापूर्ति शुरू करने के लिए ठेकेदार व अधिकारियों से बार-बार आग्रह किया जा रहा है। उल्लेखनीय है की टेस्टिंग के दौरान पाइप लाइन में लीकेज आना शुरू हो गया था, ऐसी स्थिति में पाइप लाइन की गुणवत्ता का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।

इस योजना को सिर्फ कमाई का जरिया बना दिया गया है । योजना का प्रयोजन हर ग्रामीण को पानी की जलापूर्ति हो, इसकी ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। यह योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है । योजना के डीपीआर, टेंडर, वर्क आर्डर, धरातल पर कार्य हर स्तर पर गड़बड़ी को अंजाम दिया गया है । नतीजतन कार्य पूर्ण होने के बाद भी ग्रामीणों को पानी नही मिल रहा है और ठेकेदार एस्टीमेट के अनुसार कार्य करने का हवाला देकर हाथ खड़े कर दे रहे हैं ।

कलेक्टर जनदर्शन में की गई शिकायत का भी नहीं हुआ असर 

सरपंच प्रतिनिधि ने बताया कि ठेकेदार व अधिकारी को बार-बार आग्रह किया जाने के बावजूद पानी टंकी एवं  पाइपलाइन की  लीकेज समेत अन्य कमियों को दुरुस्त कर जलापूर्ति का आग्रह किया गया। लेकिन संबंधितों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। इसलिए बीते माह कलेक्टर जनदर्शन में कलेक्टर को आवेदन सौप  समस्या के निराकरण का आग्रह किया गया था। आवेदन के एक माह बाद तक भी विभाग का अधिकारी व ठेकेदार गांव नहीं पहुंचा है। ऐसी स्थिति में जनदर्शन में किए हुए शिकायतों का भी निराकरण नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है।

वर्सन इस संबंध में शिकायत मिली है, मौका निरीक्षण कर कमियों को दुरुस्त करने ठेकेदार को निर्देश दिए गए हैं। टंकी में माइनर लीकेज है, जिसे सुधारा  जाएगा।

संतोष नायक  :- एसडीओ पीएचई बेमेतरा

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