नवजात शिशु के लिए जीवनदायिनी साबित हो रहा जिला चिकित्सालय स्थित एस एन सी यू विभाग

बेमेतरा – स्वास्थ्य विभाग जिला बेमेतरा
जिला चिकित्सालय बेमेतरा में संचालित एस.एन.सी.यू. नवजात शिशु के लिए जीवनदाई साबित हो रहा है, कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई एवं सीएमएचओ डॉ अमृत लाल रोहलेडर के मार्गदर्शन पर सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ लोकेश साहू के नेतृत्व में जिला चिकित्सालय के एम सी एच बिल्डिंग में संचालित यह एस एन सी यू विभाग में अभी तक लगभग 1500 से अधिक नवजात शिशुओं का सफल ईलाज किया जा चूका है इनमें नवजात जन्म के पश्चात कई गंभीर बिमारीयों जिनमें प्रमुख रूप से जन्म के पश्चात तुरन्त न रोना या देर से रोना, मीकोनियम एसपिरेशन, पीलिया श्वास नली में दिक्कत शॉक मस्ष्तिक संबधित गंभीर तकलीफ कन्जेनाईटल मॉलफारमेशन हाईपरथर्मिया, हाईपोग्लाशिमिया बच्चे को झटका आना ब्लीडिंग डाइरिया सॉस लेने में तकलीफ आदि कई बिमारियो के कारण एस.एन.सी.यू. में नवजात शिशु को भर्ती कर ईलाज किया जाता है, इनमें से प्रमुख बच्चों के भर्ती होने का कारण होता है प्रिमेच्योर व कम वजन का होना जिसमें समय से पूर्व प्रसव है इन बच्चो को बचा पाना बहूत ही मुश्किल होता है ऐसे बच्चों को लंबे समय तक एक अच्छे केयर की जरूरत होती है इसमें माताओं को भी एस.एन.सी.यू. में मदर यूनिट में रखकर निरंतर बच्चों के सही देखभाल के विषय में काउंसिलिग कर यह समझाया जाता है कि ऐसे नवजात को कैसे दूध पिलाना है, दूध पिलाने के बाद डकार दिलाने का महत्व कंगारू मदर केयर (के.एम.सी.) आदि कैसे दिया जाना है बताया जाता है जिससे नवजात का सही व टारगेटेट वजन कैसे बढ़े निर्भर करता है। एस.एन.सी.यू.में अब तक लगभग 159 प्रिमैच्योर व कम वजन के बच्चे भर्ती हुए जिनका डॉ. दीपक कुमार निराला शिशु रोग विशेषज्ञ एवं प्रशिक्षित स्टॉफ द्वारा उनका सफल ईलाज देखभाल कर डिस्चार्ज किया गया
अगर एस.एन.सी.यू. में अब तक संपूर्ण भर्ती की बात करे तो अब तक एस.एन.सी.यू. में लगभग 1500 बच्चे अन्य अलग-अलग बिमारियों के कारण भर्ती कर ईलाज किए जा चुके है।








