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पंचनामा में 9.50, जांच में 9 लाख, मौके पर 15 लाख ईट, संचालक पर ₹4.75 लाख की लगी पेनल्टी

अपना दामन बचाने खनिज विभाग के अधिकारियों ने हर स्तर पर की लीपा पोती

बेमेतरा के ग्राम ढोकला स्थित चिमनी ईट भट्टा संचालक पर खनिज विभाग ने बिना अनुमति ईट निर्माण के लिए 4 लाख 75 हजार रुपए की पेनल्टी लगाई गई है। यह पेनल्टी जप्त 9 लाख ईट के लिए लगाई गई है। जबकि पंचनामा प्रतिवेदन में 9.50 लाख जप्ती बताया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार मौके पर 15 लाख से अधिक ईट पाए गए थे। इसके विपरीत प्रकरण को कमजोर करने के लिए कम ईट की जप्ती बनाई गई। कार्रवाई खनिज अधिनियम 1957 की धाराओं के तहत की गई है। गौरतलब हो कि पिछली कार्रवाई में लाखों ईट पाए जाने के बावजूद सिर्फ 50 हजार ईट की जप्ती बनाकर 50 हजार रुपए पेनल्टी लगाई गई थी, बावजूद भट्ठा संचालक ने बदस्तूर ईट का निर्माण जारी रखा था। इससे संबंधित खबर को निष्पक्ष न्यूज़ में प्रमुखता से प्रकाशन के बाद जांच टीम गठित हुई। यहां खनिज विभाग प्रकरण को कमजोर कर लीपा पोती में लगा हुआ है।

 चार विभागों का प्रतिवेदन आना बाकी

तीन विभागों की संयुक्त टीम जांच के लिए ईट भट्ठा पहुंची थी। जांच दल में तहसीलदार अनिरुद्ध मिश्रा, खनिज निरीक्षक प्रभार रामकृष्ण मिरी, संजय सिंह केमिस्ट पर्यावरण विभाग भिलाई व पटवारी भूपेंद्र तिवारी ने मौका निरीक्षण कर रिपोर्ट बनाई थी। पांच विभागों की जांच टीम में फॉरेस्ट व एरीगेशन विभाग के अधिकारी नहीं पहुंचे थे। यहां इरिगेशन पर्यावरण, रेवेन्यू व फॉरेस्ट विभाग की जांच प्रतिवेदन आना शेष है।

अधिकारियों ने नहीं किया कॉल रिसीव, संचालक के साथ घंटो बिताए

खनिज विभाग के जांच प्रतिवेदन की विस्तार से जानकारी लेने के लिए खनिज अधिकारी रोहित साहू व खनिज निरीक्षक रामकृष्ण मिरी को अलग-अलग समय में 5 से 6 बार फोन कॉल किए गए, लेकिन इन अधिकारियों ने कॉल रिसीव करना मुनासिब नहीं समझा। इसके विपरीत खनिज अधिकारी ने कार्यालय में भट्ठा संचालक के साथ घंटो बिताए। बीते दिनों जांच के दौरान शिकायतकर्ता का पंचनामा प्रतिवेदन मांगने पर खनिज निरीक्षक फोन बंद कर कार्यालय से नदारद हो गया स्पष्ट है। यहां विभाग के अधिकारी अपना दामन बचाने के लिए प्रकरण को कमजोर करने में जुटे हुए हैं।

पंचनामा प्रतिवेदन में 9.50 लाख, मौके पर 15 लाख से अधिक ईट

खनिज विभाग के द्वारा ईट पकाने के चेंबर व क्षेत्र में फैले ईट की संख्या 9.5 लाख बताई जा रही है जबकि मौके पर 15 लाख से अधिक ईट है। वहीं जांच प्रतिवेदन में 9 लाख ईट बताया गया है. इस संबंध में मौके पर खनिज निरीक्षक से पूछने पर उन्होंने संतोषजनक जवाब नहीं देते हुए कहा कि आगे और जांच के लिए आएंगे। उन्होंने पूर्व में 50 हजार ईट के लिए 50 हजार रुपए पेनल्टी लगाने की बात कही जबकि मौके पर लाखों ईट पाए गए थे।

ओपन जेल से चिमनी की दूरी में खेल

पंचनामा प्रतिवेदन में संचालक की निजी भूमि की दूरी ओपन जेल से 100 मी. बताई गई है। इसके विपरीत चिमनी की दूरी 500 मी. बताई गई है। उल्लेखनीय है कि चिमनी ईट भट्ठा का कार्य क्षेत्र 15 एकड़ में से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है, जबकि एनओसी 2 हेक्टेयर के लिए ली गई है। स्पष्ट है कि यहां नियमों का उल्लंघन कर कार्य क्षेत्र का विस्तार किया गया और उसकी दूरी ओपन जेल से 100 मी. बताई जा रही है। हल्का पटवारी भूपेंद्र तिवारी के अनुसार ओपन जेल से चिमनी की दूरी 350 मीटर है। यहां भी खनिज विभाग दूरी में खेल कर रहा है।

मिट्टी खनन पर लगाई पेनल्टी, बाजार मूल्य पर स्पष्टता नहीं

संयुक्त जांच दल की ओर से जप्त 9.50 लाख ईट की सुपुर्दगी को लेकर विभाग की ओर से जानकारी नहीं दी जा रही है। वहीं जांच प्रतिवेदन में इसका उल्लेख नहीं किया गया है। यहां खनिज विभाग ने मिट्टी खनन रॉयल्टी पर पेनल्टी लगाई है। वही खनिज बाजार मूल्य 250 रुपए घन मीटर की रॉयल्टी नहीं लगाई गई है, जबकि ईट का निर्माण किया गया है। मिट्टी उत्खनन के लिए ₹50 प्रति घन मीटर की पेनल्टी लगाई गई है। यहां जप्त ईट के बाजार मूल्य की रॉयल्टी का निर्धारण व राजस्व कोष में जमा होने को लेकर विभाग की ओर से स्पष्टता नहीं है।

कार्य क्षेत्र 5 एकड़ के स्थान पर 17 एकड़ पाया गया

ईट भट्ठा संचालक के द्वारा 2 हेक्टेयर क्षेत्र में ईट भट्ठा संचालन के लिए एनओसी ली गई है लेकिन राजस्व विभाग की जांच में ईट भट्ठा का कार्य क्षेत्र 15 एकड़ से अधिक पाया गया है। इसके अलावा ग्राम बसनी की करीब 2 एकड़ भूमि भी शामिल है, कुल मिलाकर 17 एकड़ से अधिक कार्यक्षेत्र पाया गया। इस संबंध में भट्ठा संचालक संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। निष्पक्ष न्यूज़ के टीम ने भट्ठा संचालक के कार्य क्षेत्र के विस्तार की खबर को लगातार प्रकाशित किया है इसकी राजस्व विभाग की जांच में पुष्टि हुई है।

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