त्रिनेत्र योजना ठंडे बस्ते में

टेक सिंह सेन की रिपोर्ट राजनांदगांव में स्मार्ट पुलिसिंग के बड़े दावे के साथ शुरू की गई “त्रिनेत्र योजना अब सवालों के घेरे में है। 14 अगस्त 2025 को विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह द्वारा फीता काटकर इस योजना का शुभारंभ किया गया था। शहर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के उद्देश्य से सैकड़ों कैमरे लगाने की घोषणा की गई थी, लेकिन करीब छह महीने बाद भी योजना अधूरी और अव्यवस्थित नजर आ रही है। कई कैमरे बंद पड़े हैं तो कई क्षतिग्रस्त हालत में हैं। राजनांदगांव में स्मार्ट पुलिसिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से त्रिनेत्र योजना की शुरुआत की गई थी। इस योजना के तहत शहर में लगभग 385 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने थे। हालांकि, अब तक केवल 114 कैमरे ही लगाए जा सके हैं। इनमें से भी मात्र 15 से 20 कैमरे ही वर्तमान में चालू हालत में बताए जा रहे हैं। कई कैमरे अपनी जगह से नीचे की ओर झुक गए हैं, कुछ पर पेंट कर दिया गया है तो कई कैमरों के तार टूटे हुए हैं।
योजना के लिए जो विशेष सॉफ्टवेयर लगाया जाना था, वह अब तक स्थापित नहीं किया गया है, जिसके चलते पूरी व्यवस्था प्रभावित हो रही है। मेंटेनेंस की कमी के कारण कैमरे निष्क्रिय पड़े हैं। गौरतलब है कि इससे पहले राजनांदगांव पुलिस द्वारा 152 कैमरे लगाए गए थे, जिनमें से लगभग 15 कैमरे बंद हैं, जिनका रखरखाव किया जा रहा है।त्रिनेत्र योजना की खास बात यह थी कि इसे आम जनता के सहयोग और फंडिंग से शुरू किया गया था। पुलिस और जिला प्रशासन का सीधा फंड इसमें शामिल नहीं था। ऐसे में अब शहरवासियों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि आखिर उनकी राशि का उपयोग सही तरीके से क्यों नहीं हो पा रहा है।








