घटिया निर्माण को लेकर पदमी पंचायत में प्रस्ताव पारित, ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करने की मांग अभी से सड़क दरार उखाड़ने शुरू हो गए हैं, घटिया निर्माण से ग्रामीणों में आक्रोश, कलेक्टर व ईई को सौपेंगे के ज्ञापन

अभी से सड़क दरार उखाड़ने शुरू हो गए हैं, घटिया निर्माण से ग्रामीणों में आक्रोश, कलेक्टर व ईई को सौपेंगे के ज्ञापन
बेमेतरा जिला साजा विधानसभा के ग्राम पदमी से भुरकी तक नव निर्मित सड़क के घटिया निर्माण को लेकर ग्राम पंचायत पदमी में प्रस्ताव पारित किया गया है। घटिया निर्माण को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। यह पंचायत प्रस्ताव सह ज्ञापन कलेक्टर व मुख्य कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग को सौपा जाएगा। जिसमें सड़क के फिर से निर्माण व ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करने की मांग की जाएगी। पंचायत में प्रस्ताव पास होने का इस तरह का यह पहला मामला है। गौरतलब हो कि लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत करीब 6 करोड़ की लागत से ग्राम पदमी से भुरकी तक 4.5 किलोमीटर सड़क का निर्माण हुआ है। सड़क का निर्माण करीब 6 माह पूर्व पूर्ण हुआ है। जगह-जगह सड़क उखाड़ने लगा है
6 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित यह सड़क जगह-जगह से उखड़ चुकी है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण के दौरान तय मात्रा सामग्री का उपयोग नहीं किया गया। निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी की गई और घटिया सामग्री का इस्तेमाल हुआ, जिससे अब लोगों को आवाजाही में परेशानी हो रही है।
पंचायत प्रस्ताव के साथ सौपेंगे के ज्ञापन
उपसरपंच गुड्डा पटेल ने बताया कि घटिया सड़क निर्माण की मौखिक शिकायत लोक निर्माण विभाग कार्यपालन अभियंता से की गई है। इसके अलावा पंचायत में घटिया निर्माण को लेकर प्रस्ताव पारित किया गया है। जिसमें मुख्य रूप से आधा अधूरा नाली निर्माण, जगह-जगह सड़क पर दरार आना, घटिया पुलिया निर्माण, मां चंडी पहुंच मार्ग उखड़ना आदि शामिल है। इस प्रस्ताव का सह ज्ञापन को कलेक्टर एवं कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग को सौंपा जाएगा। यहां सड़क के फिर से निर्माण करने व ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग की जाएगी।
बीटूमीन व सील कोट की मोटाई मे काफी अंतर
जानकारी के अनुसार वन लेन सड़क में बेस से लेकर सेल कोट की कुल मोटाई 700 एमएम होती है। घटिया निर्माण का आलम यह है कि सील कोट
(टॉप ) को पैर से रगड़ने पर सड़क उखड़ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि बीटी वर्क खासकर बीटूमीन व सील कोट तय मानको के तहत नहीं किया गया है। सील कोट 15 एमएम से अधिक नहीं है, इसी प्रकार बीटूमीन की मोटाई मे भी काफी अंतर है।
साइड सोल्डर में मुरुम के स्थान पर मिट्टी का उपयोग
साइड सोल्डर निर्माण में भी काफी गड़बड़ियां की गई है। साइड सोल्डर निर्माण में मुरुम का उपयोग किया जाना था, लेकिन यहां ठेकेदार ने मुरुम के स्थान पर मिट्टी व कतरी पत्थर का उपयोग किया है। मुरूम से साइड सोल्डर में मजबूत पकड़ बनती है, वही मिट्टी और कतरी पत्थर बारिश में बह जाने से हादसे की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने बताया कि ऐसी स्थिति में ट्रैक्टर व अन्य चार पहिया वाहनों के पलटने की संभावना अधिक रहेगी इसके अलावा दो पहिया वाहन भी हादसे का शिकार होंगे।
घटिया निर्माण से भ्रष्टाचार की परतें खुली
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण की घटिया निर्माण की शुरू से ही शिकायत की जा रही है. बावजूद घटिया निर्माण जारी रहा वर्तमान स्थिति में सड़क पर डरने आने लगी है, वहीं पहली बारिश में सड़क के बहने की संभावना जताई जा रही है। बीटी सीसी वर्क उखड़ने लगा है, जो भ्रष्टाचार की परतें उजागर कर रहे हैं। सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
फील्ड इंजीनियर ने नहीं किया कॉल रिसीव
लोक निर्माण विभाग के अधिकारी और ठेकेदार ने मिलीभगत करके घटिया निर्माण किया है। उनका कहना है कि अधिकारियों की निगरानी बिल्कुल ही प्रभावी नहीं रही। सड़क इतनी जल्दी खराब होना भ्रष्टाचार और लापरवाही की स्पष्ट मिसाल है। घटिया निर्माण के संबंध में फील्ड इंजीनियर गजेंद्र पिपरिया से फोन पर लगातार संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव करना मुनासिब नहीं समझा।
वर्सन
सड़क निर्माण के समय पदस्थ नहीं था, घटिया निर्माण के संबंध में मौखिक शिकायत मिली है स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण करूंगा।
सागर साहू : एसडीओ साजा








