
बेमेतरा : जिला के साजा विधानसभा के 40 स्कूलों में एक करोड़ की लागत से प्रदान किए गए कंप्यूटर सेट की उपयोगिता शून्य साबित हो रही है। स्वदेश टीम की रैंडम पड़ताल में बड़े खुलासे हुए हैं। उपयोगिता को लेकर शिक्षकों की उदासीनता और निधि जारी करने वाले जिम्मेदार की लापरवाही से सरकारी धन की बर्बादी साफ दिख रही है। यहां जिम्मेदार मामला एक-दूसरे पर डालकर पल्ला झाड़ने में लगे हुए हैं। एक ओर जहां विधायक ईश्वर साहू ने सारा मामला प्रशासन पर डालकर पल्ला झाड़ लिया है, वहीं प्रशासन की ओर से जांच टीम गठित किए जाने की जानकारी मिल रही है। इस मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि स्कूलों को कंप्यूटर प्रदान करने के पश्चात जिम्मेदारों ने इनकी उपयोगिता सुनिश्चित नहीं की। ऐसी स्थिति में क्षेत्र के लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
90% स्कूलों में ताले में बंद हैं सिस्टम
स्वदेश टीम की पड़ताल में क्षेत्र के अधिकांश स्कूलों में स्थान और सुरक्षा का भारी अभाव है। नवागांवकला, केहका और बीजा जैसे गांवों के 90% से अधिक सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर लैब उपलब्ध नहीं हैं। इस कारण अधिकारियों द्वारा पहुंचाए गए तीन-तीन कंप्यूटरों को स्टोर रूम, अलमारियों या प्रधानाध्यापक कक्ष के कोनों में डंप कर दिया गया है। जब तक सुरक्षित लैब और उचित इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार नहीं होता, तब तक इन महंगे सिस्टमों का उपयोग शुरू होना असंभव नजर आ रहा है।
बिना कंप्यूटर शिक्षक, कैसे सीखें विद्यार्थी?
उपकरण पहुंचा देने मात्र से डिजिटल शिक्षा का सपना पूरा नहीं होता। पड़ताल में सामने आया कि जिन स्कूलों में कंप्यूटर सेट दिए गए हैं, वहां तकनीकी प्रशिक्षण के लिए एक भी पद स्वीकृत या कार्यरत नहीं है। नियमित शिक्षकों पर पहले से ही सामान्य विषयों के अध्यापन का दबाव है। ऐसे में बिना किसी तकनीकी विशेषज्ञ या कंप्यूटर शिक्षक के छात्र इन सिस्टमों का संचालन कैसे करेंगे, इसका जवाब विभागीय जिम्मेदार अधिकारियों के पास भी नहीं है।
तकनीकी खराबी पर विभागीय जवाबदेही तय नहीं
सप्लाई के दौरान संस्था प्रमुखों को न तो कोई गारंटी-वारंटी के दस्तावेज मिले हैं और न ही सप्लायर का संपर्क विवरण उपलब्ध कराया गया है। अनपैक करते ही कई सिस्टमों में डिस्प्ले और तकनीकी गड़बड़ी सामने आ चुकी है। आधिकारिक मेंटेनेंस सपोर्ट और सर्विस सेंटर की व्यवस्था न होने से स्कूल प्रशासन भी असमंजस में है। बिना लिखित पत्र और स्पष्ट दिशा-निर्देशों के मिले इन खराब पड़े उपकरणों की शिकायत या सुधार कराने को लेकर कोई स्पष्ट प्रक्रिया तय नहीं की गई है।
कलेक्टर ने की चार सदस्य जांच टीम गठित
मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति की अध्यक्षता डिप्टी कलेक्टर कृष्ण कुमार साहू करेंगे। समिति में जिला कोषालय अधिकारी प्रशांत प्रधान, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर महेंद्र कुमार वर्मा तथा जिला सूचना विज्ञान अधिकारी रोहित चंद्रवंशी को सदस्य बनाया गया है। कलेक्टर ने समिति को निर्देश दिए हैं कि वह कंप्यूटरों की गुणवत्ता, उपलब्धता और संपूर्ण खरीदी प्रक्रिया की विस्तृत जांच कर 7 दिनों के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता या वित्तीय गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
100 लाख लागत, पर उपयोगिता शून्य
केस 01: बीजा मिडिल स्कूल में विधायक निधि से मिले तीन नग कंप्यूटर सीलन वाले कमरे में रखे हुए हैं। इंस्टॉल होने के डेढ़ साल बाद भी उपयोगिता शुरू नहीं हो पाई है।
केس 02: नवागांवकला के हाई स्कूल में तीनों कंप्यूटर अलमारी में रखे हुए हैं। पड़ताल में शिक्षकों ने कक्षा के अभाव के कारण उपयोगिता शुरू नहीं होना बताया।
केस 03: खाती हाई स्कूल में निधि से मिले कंप्यूटर सेट लंबे समय से धूल खाते हुए स्टोर रूम में रखें हैं। छात्रों ने बताया कि अब तक कंप्यूटर की पढ़ाई नहीं कराई गई है।
केस 04: डगनिया मिडिल स्कूल में तीन नग कंप्यूटर में एक कंप्यूटर अलमारी में रखा हुआ मिला। दूसरे कंप्यूटर को इंस्टॉल करने वाले फर्म के लोग ले गए वहीं तीसरा कंप्यूटर स्कूल में पदस्थ एक शिक्षक अपने घर ले गया, इस तरह यहां योजना औचित्यहीन साबित हो रही है।
केस 05: केहका स्कूल में एक नग कंप्यूटर खराब मिला, जिसे मरम्मत के लिए भेजने की बात कही गई। दूसरा कंप्यूटर विभागीय कार्य में उपयोग किया जा रहा तो तीसरा कंप्यूटर अलमारी में मिला, इस तरह यहां भी बच्चों की पढ़ाई में कंप्यूटर का उपयोग नहीं हो पा रहा है।
केस 06: हांटराका स्कूल में स्वदेश टीम के दो बार जाने के बावजूद मौजूद स्टाफ दो नग कम्प्यूटर नहीं दिखा सका। पहली बार चाबी खोने का बहाना किया गया। वहीं दूसरी बार संस्था प्रमुख के चाबी ले जाने की बात कही गई। सिर्फ एक कम्प्यूटर मौके पर मिला, जिससे विभागीय कार्य किए जा रहे हैं।





