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नियम ताक पर : रजिस्ट्री कार्यालय में छोटे भूखंडों की आसानी से रजिस्ट्री करा रहे प्रॉपर्टी डीलर

रजिस्ट्री कार्यालय में प्रॉपर्टी डीलरों का दबदबा, ठगे जा रहे मध्यमवर्गीय परिवार

बेमेतरा – जिला मुख्यालय स्थित रजिस्ट्री कार्यालय में प्रॉपर्टी डीलरों का दबदबा कायम है। आलम यह है कि ये प्रॉपर्टी डीलर नियमों को ताक पर रखकर बड़ी आसानी से जमीनों की रजिस्ट्री करा रहे हैं, यहां बड़े पैमाने पर लेनदेन की जा रही है। डायवर्टेड बड़े भूखंडों को छोटे भूखंड में बांटकर जमीनों की रजिस्ट्री कराई जा रही है जो नियमों का घोर उल्लंघन है। जमीनों की खरीद-फरोख्त का काला खेल धड़ल्ले से चल रहा है। प्रॉपर्टी डीलरों के बढ़ते दबदबे और विभाग के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों की साठगांठ ने सरकारी नियमों को महज कागजी टुकड़ा बना दिया है। रजिस्ट्री के लिए 5 डेसिमल या उससे अधिक भूमि की अनिवार्यता जरूरी है। लेकिन यहां फर्जीवाड़ा कर भूखंडों का डायवर्सन कराकर अवैध तरीके से बेचे जा रहे छोटे भूखंड।

प्रशासन से ले-आउट पास कराना अनिवार्य

प्रॉपर्टी डीलर पहले कृषि भूमि का आवासीय डायवर्सन (व्यपवर्तन) कराते हैं। नियमतः किसी भी कॉलोनी या बड़े भूखंड को छोटे टुकड़ों में काटकर बेचने के लिए टाउन एंड कंट्री प्लानिंग और स्थानीय प्रशासन से ले-आउट पास कराना अनिवार्य है। लेकिन डीलरों ने इसका तोड़ निकाल लिया है बिना किसी कानूनी नक्शे या विकास अनुमति के, बड़े भूखंडों को छोटे-छोटे प्लॉट में बांटकर उनकी रजिस्ट्री कराई जा रही है।

आसानी से छोटे भूखंडों की हो रही रजिस्ट्री

शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि अवैध कॉलोनियों पर लगाम कसने के लिए एक निश्चित सीमा 5 डिसमिल भूमि से कम जमीन की रजिस्ट्री पर रोक है या उसके लिए विशेष अनुमति की आवश्यकता होती है।  लेकिन रजिस्ट्री कार्यालयों में प्रॉपर्टी डीलरों की पैठ इतनी तगड़ी है कि वे सेटिंग के जरिए 2-3 डिसमिल के छोटे टुकड़ों की भी रजिस्ट्री आसानी से करवा रहे हैं। इससे न केवल सरकार को राजस्व की हानि हो रही है, बल्कि भविष्य में इन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं (सड़क, बिजली, पानी) का संकट खड़ा होना तय है डीलर मालामाल, क्रेता बेहाल

 

बिना ड्रेनेज और चौड़ी सड़कों के अवैध बस्तियां बस रही हैं।  छोटे भूखंड लेने वाले मध्यमवर्गीय लोग भविष्य में नामांतरण और निर्माण अनुमति के लिए भटकते रहते है। डायवर्सन शुल्क और विकास शुल्क बचाने के चक्कर में सरकारी खजाने को करोड़ों का चूना लगाया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि कई प्रॉपर्टी डीलर ने प्लाटिंग में नया तरीका खोजा है। जिसमें 5 डिसमिल या उससे अधिक भूखंड बाटकर जमीनों का विक्रय कर रहे हैं, जिसमें डायवर्सन की जरूरत नहीं होती है।

रजिस्ट्री के लिएआवश्यक दस्तावेज

 

जमीन के छोटे टुकड़ों की रजिस्ट्री के लिए नया बटांकन नक्शा, जिसमें प्लॉट की सीमाएं, मूल डायवर्टेड भूमि का आदेश, विक्रय विलेख, नए खसरा नंबर जरूरी है।

 

*शहर के 22 हेक्टेयर रकबा में अवैध प्लाटिंग जारी*

 

जानकारी के अनुसार बेमेतरा शहर में बड़े पैमाने पर अवैध प्लाटिंग की जा रही है । शहर के 20 हेक्टेयर रकबा में अवैध प्लाटिंग जारी है । प्रॉपर्टी डीलर 80 से अधिक भूमि स्वामी से खेत और अन्य बड़े भूखंडों को खरीदकर प्रॉपर्टी डीलर अवैध प्लाटिंग कर रहे हैं । शहर के मोहभट्ठा वार्ड में 3 हेक्टेयर, पिकरी वार्ड में 3 हेक्टेयर, सिंघौरी वार्ड में 2.233 हेक्टेयर, कोबिया वार्ड में 8.17 हेक्टेयर एवं शहर के अन्य स्थानों पर 7.377 हेक्टेयर कुल 20 हेक्टेयर रकबा में अवैध प्लाटिंग जारी है । इसके अलावा शहर से गई वार्ड मे करीब दो हेक्टेयर में  अवैध प्लाटिंग जारी है।

आम जनों को ठग रहे प्रॉपर्टी डीलर

प्रॉपर्टी डीलर आम जनों को डायवर्टेड प्लाट का हवाला देकर छोटे भूखंडों की बिक्री कर रहे हैं। यहां ज्यादातर क्रेता मध्यमवर्गीय परिवार से है जो अपने पक्के मकान का सपना संजोए जमीन की खरीदी में अपनी जमा पूंजी को लगाते हैं। प्रॉपर्टी डीलर क्रेता को डायवर्सन से संबंधित जानकारी से अवगत नहीं कराते हैं। जिसमें मुख्य रूप से डायवर्टेड बड़े भूखंडों को छोटे भूखंडों में बांटकर विक्रय नहीं किया जा सकता।

इन नियमों के उल्लंघन पर स्वमेव निरस्त होगा डायवर्सन

कृषि भूमि के आवासीय व्यपवर्तन के लिए 26 बिंदुओं में शपथ पत्र लिया जाता है। निर्देशों के उल्लंघन पर डायवर्सन को स्वमेव निरस्त माना जाता है। जिसमें मुख्य रूप से भूमि को टुकड़े में विक्रय नहीं करना,  कॉलोनाइजर एक्ट के तहत अवैध प्लाटिंग करना, किसी भी स्थिति में शासकीय भूमि पर अतिक्रमण नहीं करना, भूमि के स्वत्व  एवं कब्जे के संबंध में विवाद होने की स्थिति में व्यपवर्तन  आदेश आदि के उल्लंघन पर डायवर्सन स्वमेव निरस्त माना जाएगा।

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