स्वास्थ्य सुविधाएं वेंटिलेटर पर: 10 हजार की आबादी, एक कमरा और एक ही स्वास्थ्य कर्मी

मामला ग्राम पंचायत अमोरा उप स्वास्थ्य केंद्र का, 3 साल बाद भी भवन का निर्माण अधूरा
वर्तमान में एक कमरे के सामाजिक भवन में संचालित हो रहा उप स्वास्थ्य केंद्र
बेमेतरा – जिले में स्वास्थ्य सुविधाएं वेंटिलेटर पर है, आलम यह है कि 10 हजार की आबादी के लिए सिर्फ एक महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता नियुक्त है। मामला ग्राम पंचायत अमोरा स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र का है। यहां एक महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता बीते 6 माह से अवकाश पर है। उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायत अमोरा में जर्जर उप स्वास्थ्य केंद्र पर बीते 5 सालों से ताला लटका हुआ है। वर्तमान में स्वास्थ्य केंद्र एक कमरे के सामाजिक भवन में संचालित हो रहा है। 15 वे वित्त के अंतर्गत 30 लाख 51 हजार रुपए की लागत से उप स्वास्थ्य केंद्र भवन का निर्माण होना है, लेकिन कार्य शुरू होने के 3 वर्ष बाद भी भवन का निर्माण अधूरा है, निर्माण एजेंसी सीजीएमएससी है।
स्वास्थ्य केंद्र पर दर्जनभर गांव आश्रित
सरपंच प्रतिनिधि सुखराम वर्मा के अनुसार स्वास्थ्य केंद्र अमोरा पर ग्राम बीजाभाठ, जेवरी, फरी, बहिंगा, बहेरघट, डंगनिया, नवागांव समेत दर्जनभर गांव आश्रित है। इन गांव की आबादी लगभग 10 हजार है, यहां प्रसव, टीकाकरण समेत सामान्य उपचार के लिए ग्रामीण पहुंचते हैं, लेकिन वर्तमान में सिर्फ एक महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता की सेवाएं मिल रही है। जो सरकार की योजनाओं के कार्य के लिए गांव के दौरे पर रहती है, इसलिए उनकी नियमित सेवाएं नहीं मिल पाती है। सप्ताह में 2 से 3 दिन ही स्वास्थ्य केंद्र में उपस्थिति रहती है, नतीजतन इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को भटकना पड़ता है।
तीन साल से अधूरा पड़ा है निर्माण कार्य
सीजीएमएससी निर्माण एजेंसी के अंतर्गत ग्राम पंचायत अमोरा में 9 जून 2023 को उप स्वास्थ्य केंद्र भवन का निर्माण शुरू हुआ, लेकिन 3 वर्षों बाद भी भवन का निर्माण अधूरा है, यहां सेनेटरी, इलेक्ट्रिक वर्क, रंग रोगन, पहुंच मार्ग का निर्माण शेष है। इसके अलावा नवनिर्मित भवन के आसपास गंदगी का ढेर है। अस्पताल संचालन शुरू नहीं होने के कारण ग्रामीण अपने घरों का कूड़ा करकट यहां फेंक रहे हैं, इस ओर ध्यान देना जरूरी है।
रखरखाव के अभाव में नवनिर्मित भवन हो रहा जर्जर
क्षेत्र के मरीजों को बेहतर सुविधा देने के उद्देश्य से उपस्वास्थ्य केंद्र के नए भवन की नींव तीन साल पहले रखी गई थी। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि जल्द ही उन्हें आधुनिक सुविधाओं वाला अस्पताल मिलेगा, लेकिन विभाग की सुस्ती और फंड के अभाव मे निर्माण पर रोक लगा दिया गया। वर्तमान में अधूरा भवन रखरखाव के अभाव मे जर्जर हो रहा है, जबकि लाखों रुपये की निर्माण सामग्री और मेहनत व्यर्थ जा रही है।
फंड की कमी ने रोका काम, होली के बाद आस
नए भवन का निर्माण कार्य कछुआ गति से चलने का मुख्य कारण बजट की कमी बताया जा रहा है। विभाग के इंजीनियर के अनुसार, फंड के अभाव में निर्माण कार्य बीच में ही रुक गया था, इंजीनियर ने बताया कि फिर से निर्माण शुरू करने शासन से फंड मिला है। होली पर्व के बाद रुके काम को फिर से शुरू किया जाएगा, लगभग 2 से 3 महीने में भवन के अधूरे काम को पूर्ण कर लिया जाएगा।
मरीज को करना पड़ता है घंटो इंतजार
अमोरा पंचायत में स्वास्थ्य सुविधाओं का बुरा हाल है। यहां एकमात्र सहारा उपस्वास्थ्य केंद्र पिछले कई वर्षों से एक सामाजिक भवन के छोटे से कमरे में संचालित हो रहा है, यहां पेयजल की भी व्यवस्था नहीं है। आज इलाज के लिए पहुंची फरी निवासी नेहा मानिकपुरी ने बताया कि 2 घंटा इंतजार करने के बावजूद इलाज संभव हो पाया है। जानकारी लेने पर महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता का आयुष्मान शिविर मे शामिल होने के कारण विलम्ब होना बताया गया। स्पष्ट है कि यहां मैन पावर की कमी का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
शिकायत के महीनो बाद निराकरण पर कोई पहल नहीं
सरपंच प्रतिनिधि सुखराम वर्मा ने बताया कि बेमेतरा विधायक दीपेश साहू व तात्कालिन कलेक्टर से शिकायत कर अधूरे पड़े नवनिर्मित भवन का निर्माण पूर्ण करने एवं स्वास्थ्य केंद्र में सेटअप के अनुसार स्टाफ भर्ती का आग्रह किया गया था। लेकिन महीनो बीत जाने के बावजूद शिकायत के निराकरण पर कोई पहल नहीं की गई है। ग्रामीणों में आक्रोश है कि सामान्य उपचार के लिए भी 6 किलोमीटर की दूरी तय कर जिला अस्पताल जाना पड़ता है।
सीधी बात
अमृतलाल रोहलेडर- सीएमएचओ बेमेतरा
प्रश्न – जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का घोर अभाव है?
उत्तर – जिले में सिर्फ 30% मैनपॉवर से स्वास्थ्य सुविधाओं की पूर्ति की जा रही है।
प्रश्न – अमोरा उप स्वास्थ्य केंद्र में 10 हजार की आबादी पर सिर्फ एक महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता नियुक्त है?
उत्तर – अटैचमेंट पर शासन से रोक लगी हुई है, फिर भी अमोरा उप स्वास्थ्य केंद्र में मैनपॉवर बढ़ाने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
प्रश्न – 3 सालों से स्वास्थ्य केंद्र भवन का निर्माण अधूरा है, वर्तमान में सामाजिक भवन में संचालित हो रहा है केंद्र?
उत्तर – भवन का निर्माण पूर्ण करने के लिए निर्माण एजेंसी से लगातार संपर्क में है। फंड की कमी के कारण निर्माण रुका हुआ था, अब फंड मिलने के बाद निर्माण शीघ्र पूर्ण कर लिया जाएगा।








